ब्लैक होल क्या है-What Is Black Hole || अगर हम ब्लैक होल में गिरेंगे तो क्या होगा || What would happen if you fell into a black hole???

ब्लैक  होल क्या  है-What Is Black Hole || अगर हम  ब्लैकहोल  में  गिरेंगे  तो  क्या  होगा || What would happen if you fell into a black hole???

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दोस्तों  आज  हम  उस  TOPIC  के  बारे  में  बात  करेंगे  जिस  के  बारे  में  हम  हमेशा  नया  कुछ  सुनने  को  बेताब  रहते  है।और   हम  जानते  है  की  इस  TOPIC  पर  STEPHEN  HAWKING  सर  कई  प्रकार  के  THEORIES  भी  दे  चुके  है। तो  आज  हम  किस  TOPIC   के  बारे  में  बाते   करेंगे  आप  सब  पहले  ही  जानते  है  पर  फिर  भी  मैं  बताता  हूँ  क्योकि  ना  जाने  क्यों  पर  जब  भी  ब्रह्माण्ड  के  बारे  में  कोई  भी  बाते  होने  होती  तो  मैं  EXCITED महसूस  करने  लगता  हूँ।  और  उस  चीज़  के  बारे  में  बस  जानना  चाहता  हूँ।  तो  इसी  के  साथ  हमारा  आज  का  TOPIC  है " ब्लैक  होल  क्या  है "   और  "क्या  होगा  अगर  हम  उस  में  गिर  जाते  है "। 

                    
तो आईये शुरू  करते  है ...SO LET'S GET STARTED...

वैसे  तो  इस  ब्रह्माण्ड  में  सब  कुछ  रहस्मय  है  जैसे  की  हम  कैसे  इस  धरती  पर  आये  है  और  इस  ब्रह्माण्ड  का  विकास  कैसे  हुआ,इत्यादि। इसी  प्रकार  BLACK  HOLE  के  अंदर  क्या  है  वो  भी  एक  रहस्य  ही  है। 

BLACK  HOLE  स्पेस  में  वो  जगह  है  जहाँ  भौतिक  विज्ञान  का  कोई  नियम  काम  नहीं  करता  इसका गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र बहुत शक्तिशाली होता है। इसके  खिंचाव  से  कुछ  भी  नहीं  बच  सकता।  प्रकाश  भी  यहां प्रवेश  करने  के  बाद  बाहर  नहीं  निकल  पाता  है।  यह  अपने ऊपर  पड़ने  वाले  सारे  प्रकाश  को  अवशोषित  कर  लेता  है। सर  ALBERT  EINSTEIN  बता  चुके  हैं  कि  किसी  भी  चीज़  का  गुरुत्वाकर्षण  स्पेस  को  उसके  आसपास  लपेट  देता  है  और उसे  कर्व  जैसा  आकार  दे  देता  है। 


आप  एक  छोटी  वस्तु  या  एक  पेंसिल  अपने  पास पकड़ो।और  आप  जित  गए  इस  बल  को  खगोलविद  और  नासा  के  खगोल  वैज्ञानिक  रूपेश  ओझा  कहते हैं , "प्रकृति  की  सभी  शक्तियों  में  से  गुरुत्वाकर्षण  बल  सबसे  कमजोर  है "। आप  किसी  पेन  को  फेको  और  आप  उस  पेन  को  धरती  पर  गिरते  देखेंगे  और  यहा  तक  की  आप  उसे  उठा  भी  सकते  है  क्योकि  प्रकृति  की  सभी  शक्तियों  में से  गुरुत्वाकर्षण  बल  सबसे  कमजोर  है। लेकिन  आप  BLACK  HOLE   से  मिलो  जिसके  पास  से LIGHT  भी  नहीं  गुजर सकती   क्योकि  इस  में  अथाह गुरुत्वाकर्षण  बल  है। ओझा  कहते  हैं , " एक  बच्चे  के  रूप  में, मैं  इस  तरह  से  BLACK  HOLE  को  समझता  हूं  की  वे  ऐसी  वस्तुएं  हैं  जिनकी गुरुत्वाकर्षण  इतनी  मजबूत  होती  है  कि  अगर  आप - पास पहुंच जाएं  तो  ऐसा  कोई  रॉकेट  नहीं  है  जो  आपको  बाहर  ले  जा  सके "। 

ब्लैक होल  बनता  कैसे  है :- ये  कोई  बड़ी  बात  नहीं  है लेकिन  जब  कोई  विशाल  तारा  अपने  अंत  की  ओर  पहुंचता  है  तो  वह अपने  ही  भीतर  सिमटने  लगता  है। और  धीरे - धीरे  वह  भारी भरकम  ब्लैक  होल  बन  जाता  है  और  सब  कुछ  अपने  में  समेटने लगता है। 

ब्लैक होल :- एक  ब्लैक  होल  स्पेसटाइम  का  एक  क्षेत्र  है  जहां गुरुत्वाकर्षण  इतना  मजबूत  है  कि  कुछ  भी  नहीं और  कोई  भी कण  या  यहां  तक  ​​कि  विद्युत  चुम्बकीय  विकिरण  जैसे  कि प्रकाश भी  इससे  बच  नहीं  सकता  है। सामान्य  सापेक्षता  का  सिद्धांत  भविष्यवाणी  करता  है  कि  एक  पर्याप्त  कॉम्पैक्ट  द्रव्यमान  एक  ब्लैक  होल  बनाने  के  लिए  स्पेसटाइम  को  विकृत कर सकता है।

THEORY  ऑफ़ RELATIVITY :- इस  सिद्धांत  को  आइंस्टीन  ने  दिए  थे   और  इस  सिद्धांत  के  अनुसार  किसी  भी  वस्तु  का  गुरुत्वाकर्षण  बल  उस  वस्तु  के  घनत्व  का  आनुपातिक  यानी  बराबर  होता  है। 

इसका  मतलब  ये  है  की  जिस  वस्तु  का घनत्व ज्यादा होगा
उसका  गुरुत्वाकर्षण   बल  भी  ज्यादा  होगा  और  इसी  वजह  से  कोई  भी  चीज़  इस  से  नहीं  गुजर  के  जा  सकती  यहाँ  तक  की  प्रकाश  भी  नहीं  उसे  ही  ब्लैक  होल  कहते  है। 

कहते   है   की   जब  तक   एक   विशाल  तारे  में  हाइड्रोजन  रहता  है   तब  तक  उस  तारा  का गुरुत्वाकर्षण  बल  उसके  केंद्र  पर  हावी  नहीं  होता  है, लेकिन  तारा  द्वारा  रोज़  ऊर्जा  का  निर्मुक्त  होने  से  जब  हाइड्रोजन  ख़त्म  हो  जाता  है  तब  तारा  के  और   बाकी  SPACE  से  उस  तारा  के  केंद्र  में  घनत्व  बढ़ने  लगता  है  और  एक  विशालकाय  तारा  एक  गेंद   जितना  सिमट  कर  रह  जाता  है  जैसे  एक  फूला   हुआ  गुब्बारा  से  हवा  निकलने  पर  होता  है  और  उसका  गुरुत्वाकर्षण   बल  भी  बढ़  जाता  है  और  फिर  यही  छोटा  गेंद  न्यूट्रॉन  STAR  कहलाता  है। ये  स्टार  फिर  आस - पास  के  चीज़ो  को  निगलने  लगता  है  और  फिर  सुपरनोवा  से  ब्लैक  होल  में  बदल  जाते  है। फिर  ये  ब्रह्माण्ड  में  बढ़ता  चला  जाता  है।  

क्या  आप  जानते  है  की  हमारे  ग्लैक्सी  में  भी  एक  MASSIVE  BLACK  होल  है  जो  धीरे - धीरे  आस  पास  के  पिंडो  को  निगलते हुए  बढ़ा आ  रहा  है। लेकिन  आप  चिंता  मत  कीजिये  क्योकि  इसका  अभी  बढ़ाव  धीमा  है। 

अगर  मैं  ब्लैक  होल  के  बहुत  करीब  पहुंच  जाऊं  तो  क्या  होगा  ?


अभी, पृथ्वी  आपके  शरीर  के  जिस  भी  हिस्से  पर  जमीन  के   करीब  है  थोड़ा  सा  खींच  रही  है। आप  उस  पुल  के  प्रभाव  को   महसूस  नहीं कर  सकते  या  नहीं  देख  सकते हैं, जिसे  ज्वारीय  बल  कहा  जाता  है, क्योंकि,  ब्रह्मांड  के आकार  के सापेक्ष, पृथ्वी   उस  सब  से  बड़ी  नहीं  है। तो, बदले  में  गुरुत्वाकर्षण  का  बल  यह   सब  मजबूत  नहीं  है।

लेकिन  चूंकि  ब्लैक  होल  अधिक  विशाल  होते  हैं,  इसलिए  वहां   की    ज्वारीय  ताकत  पृथ्वी  की  तुलना  में  अधिक  मजबूत  होती   है। "यदि आप एक  अंतरिक्ष  यात्री  हैं  जो  पहले  ब्लैक  होल  फीट   की ओर  गिर रहे  हैं  तो  ", ओझा  बताते  हैं , "आपके  पैरों में   खिंचाव  आपके  सिर में  खिंचाव  की  तुलना  में  बहुत  अधिक   मजबूत  होता  है,  इसलिए  आप  जिस  दिशा  में  गिर  रहे  हैं, आप   उसी  ओर  खिंचते  हैं  [द्वारा ज्वारीय बल  ]  इस  प्रक्रिया  के  लिए   बहुत  ही  वास्तविक  खगोल  भौतिक  की   शब्द  बहुत  सीधा  है:  स्पैगेटिफिकेशन। स्पैगेटिफिकेशन  के  बाद,  जो  भी  ब्लैक  होल  में  प्रवेश  करता  है — तारे, धूल, ग्रह, या दुर्भाग्यपूर्ण अंतरिक्ष  यात्री- एक  अदृश्य  घटना  को  पार  कर  गया  है,  जिसे  घटना   क्षितिज  कहा  जाता  है, या  कोई  वापसी  की  बात  नहीं  है।  इसके   अलावा,  हम  केवल  शिक्षित  अनुमान  लगा  सकते  हैं  कि  क्या   होगा। स्पैगेटिफिकेशन  इस  प्रक्रिया  में  वस्तुए  का खिचाव  होने   लगता  है।  






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यदि  हम  ब्लैक  होल  में  प्रवेश  करता  हूं,  तो  क्या  वास्तव  में  


हमारा अंत  हो  जायेगा ?


STEPHEN  HAWKING  के  अनुसार  कोई  भी  वस्तु  जब  ब्लैक होल के  पास  जाता  है  तब  उसका  क्षय  होने  लगता  है  तथा धीरे - धीरे उसका  विनाश  होने  लगता  है।  अगर  आप  ब्लैक   होल  के  अंदर  चले  गए  है  तब  आप  पहले  तो  खिचाव  महसूस   करेंगे  और  फिर  आप  एक  ही  दिशा  में  बस  निचे  जाते  रहेंगे   कोई  पार्टिकल  आप  से   छुयेगा  नहीं  और  आप  बस  चलते  या   जिसे   HAWKING  ने  HAPPINESS  THOUGHT  कहा  है  वो   महसूस  करेंगे।  कई  मायने  है  की  ब्रह्माण्ड  की  STARTING   POINT  ही  ब्लैक  होल  है  और  इसी  वजह से  इसके  अंदर   ORIGIN  INFORMATION  हो  सकता  है।  और  इसीलिए    ब्लैक  होल  से  जुड़े  तथ्य  आज  भी  PARADOX  बना  हुआ  है। और  जब  आप  अंदर  से  आना  चाहते  है  तो  उसका  कोई  यंत्र   नहीं  है  क्योकि  आप  को  LIGHT  से  भी  ज्यादा  का  ESCAPE   VELOCITY  चाहिए  जो  की  संभव  ही  नहीं  है  क्यों  हम  जानते   है  प्रकाश  भी  ब्लैक  होल  के  पास  जा  कर  वापस  नहीं  आ   सकते  है  और  जब  LIGHT  ही  नहीं  वापस  आएगा  जो  इस   ब्रह्माण्ड  का  सबसे  तीव्र  गति  वाला  ऊर्जा  है  तब  हम  कैसे   वापस आयेंगे।                      

       

तो  आज  का  हमारा  सफर  बस  यही  तक  का  था  अब  आप  से  बिदा   लेने  की  बारी  आ  गयी  है।इसी  के  साथ  मैं  AINESH  KUMAR  आप  सब  का  आभार व्यक्त  करते  हुए  बिदा  लेता  हूँ  और  आशा  करता  हूँ  की  आप  को  कुछ  सिकने  को  मिला होगा। 

आपका  धन्यवाद !!!


Posted By Ainesh Kumar

  

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मैं आप सबका शुक्रिया अदा करता हूँ की आप ने मेरे आर्टिकल को पढ़ा और इतना सारा प्यार दिया . अब अगर आप को कोई Confusion है, तो आप कमेन्ट में पूछ सकते है .धन्यवाद . ConversionConversion EmoticonEmoticon