क्या हम मानव का यहाँ धरती पर होना डायनासोर की वजह से हुआ है || Dinosaur का End मानव का जन्म Explained By Ainesh // PART 1

क्या डायनासोर का अंत वो भाग्यशाली घटना वाला साल था जिस साल हम मानवों का अस्तित्व में आना था अगर हाँ तो आज हम इसी विषय पर चर्चा करेंगे ...15 करोड़ साल तक डायनासोर की हुकूमत थी फिर अचानक उसकी हुकूमत ख़त्म कैसे हुई ??? वैज्ञानिक कहते है की एक बड़ा सा Comet पृथ्वी से टकराया जिस वजह से यह सब हुआ था। 



दोस्तों हम इस दुनिया में आये यही महत्वपूर्ण बात है,अगर हम धर्म के नजरिये से देखे तो हम यहाँ अपने कर्म को सुधारने के लिए आये है यह एक मौका है या जरिया है मोक्ष प्राप्त करने के लिए। 
एक और ओर से देखे तो हम Indian लोगों का अस्तित्व धर्मों से जुड़ा हुआ है और इसीलिए कहा जाता है की ब्रह्मा जी ने धरती की उत्पत्ति की थी। लेकिन Science अलग-अलग Theories बताती है इस धरती के उत्पत्ति के लिए। आप निचे दिए गए Link के माध्यम से देख सकते है। 

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दोस्तों हम इन्सानों ने पृथ्वी से सभी प्रकार के सुख और सुभीधा पाए है लेकिन हम ईन्सानो ने ना सिर्फ पृथ्वी को विनाश की राह पर ले जा रहे है, बल्कि हम Space को भी गन्दा कर रहे है।लेकिन हमारी प्यारी धरती का अंत अभी नहीं होने वाला है अपितु कई अरबो साल बाकी है।   

हम इन्सानों ने कई प्रकार के उपकरण बनाये जो Space यानी धरती के बाहर जाने वाला उपकरण है,हम रहने योग्य घर बनाये ,हम पृथ्वी व प्रकृति के Resources Use करते है और हम यहाँ धरती पर अलग-अलग धर्म के मुताबिक जीते है, इत्यादि। लेकिन, दोस्तों आप के मन में कभी-ना-कभी ये तो प्रश्न आया ही होगा की आखिर क्यों हम इन्सान धरती पर है और हमारा अस्तित्व सबसे श्रेष्ठ में क्यों माना जाता है,हम इन्सानों को सबसे Intelligent प्रजाति क्यों माना जाता है इस सबके परे आज का हमारा प्रश्न है की "" क्या हम मानव का यहाँ धरती पर होना डायनासोर की वजह से हुआ है। ""

दोस्तों आज हम इस में हम यही जानेंगे की क्या डायनासोर का अंत ही हम इन्सानो के लिए उत्तरदाई है ???

तो आईये जानते है --👇

दोस्तों उस अंत समय में जब Dinosaur का अस्तित्व ख़त्म होने को था तब उस समय किस प्रकार मौसम में बदलाव थे और ऐसा क्या प्रक्रिया थे जिस वजह से डायनासोर का अस्तित्व ही मिट गए और फिर इंसान आये तब किस प्रकार के मौसम बने,इत्यादि।

15 करोड़ साल तक राज कर रहे डायनासोर के साथ क्या हुआ - End Of Dinosaur 

वैज्ञानिक कहते है,की एक 10 km की चौड़ाई वाली Comet या Asteroid हमारी पृथ्वी से साढ़े 6 करोड़ साल पहले टकराया था जो मैक्सिको के तट के Nearest इलाके में हुआ था। 
हालांकि इस Asteroid  की चौड़ाई सिर्फ 10 Km की थी पर फिर भी इस घटना से पूरी दुनिया में तबाही मच गयी। 

इस भीषण टकराओ की वजह से चारों ओर अंधकार ही अंधकार हो गया और चारों तरफ धूल छा गयी। इस धूल की वजह से सूरज की रौशनी ठीक से धरती पर पहुँच ही नहीं रहा था जिस वजह से धरती पर सर्दिया छा गयी इसके अलाबा पूरी दुनिया में जगह-जगह आग लग गयी और बड़ी लहरों के साथ Tide भी बन रहे थे। इस सब परिमाण से अम्लीय वर्षा शुरू हो गयी ये ऐसा इसीलिए हुआ होगा क्युकी चट्टानों में छिपी CO2 (कार्बोन डाइऑक्साइड ) भाप बन कर पानी से मिल गया होगा और इस वजह से अम्लीय वर्षा का रूप ले लिया होगा। 

6.5 करोड़ साल पहले धरती नरक के समान थी इस सब घटना के 
फलसवरूप हम इन्सानों का अस्तित्व हुआ और डायनासोर का अंत हुआ।



आईये हम विस्तार से जाने - दरसअल बात है 6 करोड़ 50 लाख साल पहले की आज की ही तरह धरती हरी-भरी थी चारों तरफ सूरज की किरणे बिखरी हुई थी और लम्बे-लम्बे पेड़ उस पवन के आने से मक्त-मुग्ध हो रहे थे जो समुंद के तात से आ रहे थे। उसी धरती पर एक विशाल प्रजाति का राज था जो उस समय एक सबसे सफल जिव माना जाता था, जिसमे कई प्रकार के डायनासोर आते थे जैसे उड़ने वाला डायनासोर,मांस खाने वाला डायनासोर, फल पते खाने वाला डायनासोर, शांत रहने वाला डायनासोर, अति हिंसक फैलाने वाला डायनासोर,इत्यादि।

उस समय धरती पर जीवन तो अस्तित्व में आ गयी थी लेकिन वो जीवन डायनासोर की थी। लेकिन,इसके उलट एक छोटे जिव भी अस्तित्व में थे वो थे स्तनधारी जिसे हम अपना पूर्वज का दर्जा दे सकते है ( हम Next ब्लॉग में देखेंगे की कैसे हम इंसान Mammals से आये है ) . ये स्तनधारी जिव डायनासोर के दर से जमीन के अंदर ही रहते थे और जो भी मिलता खा लेते थे,लेकिन यही दर की वजह से आज हम इंसान इस धरती पर है। क्योकि जिस उल्कापिंड से डायनासोर का अस्तित्व मिटा उसी उल्कापिंड की वजह से ही Mammals इन्सानों में तब्दील हुए। 

जब सभी डायनासोर की प्रजाति और सभी जिव-जंतु अपने जीवन में मगन थे उस समय ब्रह्माण्ड के सुदूर से एक 10 KM के चौड़ाई वाला Asteroid आ रहा था, जो पृथ्वी से लगभव 20 करोड़ मिल दूर Mars और Jupiter के बिच में शूद्रग्रह के एक बड़े Asteroid से टकराया इस तकरायो से उस बड़े वाले Asteroid की दिशा पृथ्वी तरफ हो जाता है और ओ 22 हजार मिल प्रति घंटे की रफ़्तार से बढ़ने लगता है। 
ये Asteroid पृथ्वी पर आने से पहले पृथ्वी के उपग्रह के काफी नजदीक से गुजरता है। लेकिन,वो चाँद के पास होते हुए भी धरती की ही तरफ आ रहा था। इस Asteroid की रफ़्तार धरती के Magnetic Field की वजह से बढ़ता ही जा रहा था और जब ये धरती के वायुमंडल में पंहुचा तो इसकी Speed में बदलाव आया और ये Speed 70 हजार किलोमीटर प्रति घंटा हो गया था। 

पृथ्वी के वायुमंडल में महजूद छोटे-छोटे कण की वजह से इस Asteroid में घर्षण हुआ और ये Asteroid दहकता हुआ एक आग के गोले में बदल गया। इस आग के गोले की चमक और Radiation इतनी अधिक थी की 800 KM की Radius में आने वाले सभी जिव पूरी तरीके से अंधे हो चुके थे।वो जिव इस उल्का को देख नहीं पा रहे थे लेकिन इसकी गर्मी को महसूस कर सकते थे। कुछ ही छन बाद ये उल्का मैक्सिको के घाटी से टकराता है जिसका विस्फोट 35 हजार डिग्री सेल्सियस की ऊर्जा के साथ होता है जो लगभग 10 हाइड्रोजन विस्फोट के बराबर था।ये विस्फोट इतना शक्तिशाली था की इसके टकराते ही धरती पर से लाखो टन धातु अंतरिक्ष में तैरने लगे। इस टकराओ की वजह से उस जगह 180 KM चौड़ा और 20 KM गहरा गढ़ा बन गया था। इस जगह के उड़ रहे सभी Matter व धातु और धूल  एक बादल के शकल में तप्दील हो गए। कुछ मिनट बाद, इस टकराओ से धरती के अंदर 11.1 तीवृता की भूकंप तरंगे उठने लगी इस वजह से समुन्द्र में विशालमय लहरों और Tide का निर्माण हुआ। और एक के बाद एक चारों तरफ सूनामी की लहरे बढ़ने लगी। इस विशाल टकराओ की वजह से वातावरण सब जल कर राख हो गए। अब धरती के धरातल में भूकंप की तरंगो की वजह से शांत हुए जवालमुखी सुलग गए और पूरी धरती पर बहने लगते है,इसके टकराओ की वजह से चारों ओर से डायनासोर का अंत दिख रहा था। 



इस विस्फोटक का प्रभाव से चारों ओर Radiation और Heat फैल चूका था आप इस चीज़ का अंदाजा इसी बात से लगा सकते है की धरती के धरातल पर 800 KM के दायरे में पाए जाने वाले सभी जिव मर कर राख सो चुके थे। 

उड़ने वाले डायनासोर धरती पर हो रहे इस महाविनाशी खतरों से तो बच गए थे लेकिन ये तो बस शुरुआत थी।  विस्फोट की वजह से जो लाखों टन धातु,धूल और चट्टानें अंतरिक्ष में चले गए थे वो ठीक 40 मिनट बाद हमारी धरती के Gravitational Force की वजह से पूरी धरती पर बरसने लगे साथ ही एक धूल का बहुत बड़ा तूफान 18 हजार KM / घंटे की रफ़्तार से मौत ले कर आ रहा था।  इस बड़ा तूफान का मोटाई बहुत ज्यादा होने की वजह से धरती पर सूरज की रोशनी का आना असम्भव हो गया था। 

चारों तरफ 100 डिग्री से ज्यादा तापमान होने के कारन सभी प्रकार के पेड़ पौधे जल चुके थे। कुछ मिनट बाद ( 90 मिनट  ) धरती के धरताल पर का तापमान 200 डिग्री से ज्यादा हो गया था जिस वजह जो डायनासोर 
विस्फोटक वाले जगह से कोसो मिल दूर पर थे उसका भी खात्मा हो गया था।  

इस विस्फोटक की वजह से 30 KG के ऊपर वजन वाले सभी जिव मारे जा चुके थे। इसके पीछे का कारन ये था की जो जिव विस्फोटक में नहीं मरे वो भूख से मरे क्योकि इस महाविनाश में सभी प्रकार के वनस्पति जल कर राख सो चुके थे। इस महाविनाश से 80 प्रतिशत प्रजाति जल चुके थे और जो बच गए वो खाना ना मिलने की वजह से मर गए लेकिन ये विनाश कुछ जीवों के लिए वरदान साबित हुई,इस समय जो जिव फल-फूल रहे थे वो थे बच्चे देने वाले जिव जिसे हम अपना पूर्वज भी कह सकते है वो थे स्तनधारी यानी मैमल्स। लेकिन स्तनधारी जिव कैसे बच गए और कैसे इसके रूप से हम इंसान अस्तित्व में आये। हम जानेंगे अगले ब्लॉग में ...

Conclusion-

Dinosaur का अंत --Or--स्तनधारी ( Mammals ) 

6.5 (6 करोड़ 50 लाख ) साल पहले धरती नर्क के समान थी जिस वजह से डायनासोर का ख़ात्मा हुआ और Mammals का विकास हुआ वो बच सके क्योकि वो धरती के अंदर थे और उन स्तनधारी जीवों के पास बहुत कम मात्रा में Heat जा रहा था। 15 करोड़ साल तक राज कर रहे डायनासोर का अंत होने वाला था और Mammals जो एक चूहे से भी छोटे थे उसकी प्रजाति विकसित होने वाली थी। 2 लाख साल, पहले ही मानव सभ्यता अस्तित्व में आये। जब  डायनासोर विलुप्त हुए तब Mammals आये और ये कई रूप में विकास किये जिस कारण हम मानव का अस्तित्व आज है। 

लेकिन जो धरती पर आया है वो विलुप्त होगा ही उसी प्रकार जिस प्रकार डायनासोर का अंत हुआ लेकिन ये सब कब होगा और कैसे होगा हम अगले Article में जानेंगे। 



आप सब का धन्यवाद जो आप ने पूरी आर्टिकल पढ़ी आप जरूर इस से जान गए होंगे की हम मनुष्य उस तपती धरती पर है जो कभी भी भस्म हो सकती है क्योकि वो सारे गर्मी अभी भी धरती के धरातल में स्तिथ है। लेकिन,आप डरिये नहीं अभी ये सब होने में कई अरब साल बाकी है। 

Posted By Ainesh Kumar 

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मैं आप सबका शुक्रिया अदा करता हूँ की आप ने मेरे आर्टिकल को पढ़ा और इतना सारा प्यार दिया . अब अगर आप को कोई Confusion है, तो आप कमेन्ट में पूछ सकते है .धन्यवाद . ConversionConversion EmoticonEmoticon